Gonda News:श्रम कानूनों के उल्लंघन के विरोध में सीआईटीयू के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन पर 10 सूत्रीय मांग को लेकर एक दिवसीय धरना

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। रेलवे ठेका सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न व श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ गोंडा रेलवे स्टेशन पर सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना दिया गया।धरने की अध्यक्षता कामरेड लक्ष्मी देवी संचालन खगेन्द्र जनवादी ने किया।

धरने को सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पांडेय, कानपुर जोन के महामंत्री मो खालिद, मीरा शर्मा, शिवा कश्यप, मनीष कुमार, सुरेंद्र सिंह, अरविंद कनौजिया, रामबचन, अनूप कुमार आदि ने सम्बोधित किया।

धरने के बाद रेलमंत्री को सम्बोधित 10 सूत्री मांगपत्र रजिस्टर्ड डाकपत्र से भेजा गया। दिये गये मांगपत्र में ठेकेदार बदलने पर सभी ठेका कर्मचारियों को पूर्व ठेकेदार की तरह ही सेवा में नियोजित किये जाने, ठेका सफाई कर्मचारियों को भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत न्यूनतम निर्धारित दिहाड़ी बेतन का भुगतान सुनिश्चित कराये जाने, ठेका सफाई कर्मचारियों के लिये मेडिकल व चिकित्सा सुबिधा गोंडा रेलवे रेलवे हॉस्पिटल में दिये जाने, ठेका सफाई कर्मचारियों के लिये ठेकेदार द्वारा काटे जा रहे।

ईपीएफ का यूएएन नंबर सभी कर्मचारियों को दिये जाने तथा ठेकेदार बदलने पर उसी यूएएन नंबर को बनाये रखे जाने जिससे कर्मचारियों की नौकरी बनी रहे, सभी ठेका सफाई कर्मचारियों का सामूहिक बीमा कराये जाने, 24 मार्च से 18 मई 2020 लॉक डाउन की अवधि के दौरान बैठाये गये ठेका सफाई कर्मचारियों को मानदेय/बेतन देने के लिये रेलवे द्वारा गोंडा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत प्रोप्राइटर अभिषेक कुमार मिश्रा मेयर्स आर एन इंडस्ट्रीज गोरखपुर तो सफाई ठेका कर्मचारियों का बकाया 3912670 रूपये(उन्तालीस लाख बारह हजार छ सौ सत्तर रूपये) का भुगतान तत्काल भुगतान कराये जाने।

गोंडा रेलवे स्टेशन पर सौ से ज्यादा कार्य कर रही महिला कर्मियों को वर्दी बदलने व लंच बॉक्स रखने के लिये अलग कक्ष की व्यवस्था किये जाने, सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ का यूएएन नंबर बिना दिये ठेकेदार का भुगतान होता रहा जिसकी जांच कराकर यूएन नंबर दिये जाने, गोंडा रेलवे स्टेशन पर ठेका सफाई कर्मचारियों से दुर्व्यहार करने वाले मुख्य स्वास्थ निरीक्षक की जांच करायी जाने, गोंडा रेलवे स्टेशन पर सभी कर्मचारियों के लिये श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराये जाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।पंद्रह दिनों के भीतर कार्यवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी गई है।

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