Gonda Colonelganj News:प्रदेश सरकार की गलत नीतियों ध्वस्त कानून व्यवस्था, सपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न भ्रष्टाचार एवं घोटालों के विरोध में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन

एसपी सिंह / ज्ञान प्रकाश मिश्रा

करनैलगंज(गोंडा)। प्रदेश सरकार की गलत नीतियों, कोरोना में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था, किसान, नौजवान, बुनकर और समाज के कमजोर वर्गों की उपेक्षा, आरक्षण पर वार, ध्वस्त कानून व्यवस्था, सपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न भ्रष्टाचार एवं घोटालों के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों अराजकता की स्थिति है। कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है लोगों की मौतें होती जा रही हैं और सरकार वेंटिलेटर और पीपीई किट के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही है, महज भाषण बाजी कर के लोगों को गुमराह कर रही है। किसान बदहाली का शिकार हो रहा है, प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहा है। भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने और राज्य में पूंजी निवेश के झूठे दावे कर रही है। प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है।

अब तक एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन ना करने वाली भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। भाजपा राज में पुलिस मित्र तो नहीं बन सकी उत्पीड़न की एजेंसी जरूर बन चुकी है। राज्य सरकार अपनी अपराध के खिलाफ कथित जीरो टॉलरेंस नीति को लागू नहीं कर सकी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज करना, उन्हें अनावश्यक प्रताड़ित करना व जेल भेज देना सरकार की नीति बन चुकी है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि भाजपा सरकार ने अब तक के कार्यकाल में जनहित की कोई भी योजना लागू नहीं की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि अतिवृष्टि ओलावृष्टि बाढ़ से नष्ट फसलों के लिए किसानों को क्षतिपूर्ति का तत्काल प्रबंध किया जाए।

गन्ना किसानों का बकाया नियमानुसार ब्याज के साथ भुगतान कराया जाए। बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि को रोका जाए। फर्जी एनकाउंटर बंद किया जाए। छात्रों की 5 महीने लाकडाउन अवधि की फीस माफ की जाए एवं अन्य पाठ्यक्रमों में दलित छात्रों को निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था लागू की जाए। अपराधों की रोकथाम खासकर महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। सरकारी सेवाओं में वर्ग ख और ग के कर्मचारियों के संविदा पर भर्ती की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। समाजवादी पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद किया जाए। इसके साथ ही एक दर्जन मांगे स्थानीय स्तर पर रखी गई है।

जिसमें पॉलिटेक्निक, आईटीआई तथा कृषि महाविद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारंभ करने, क्षेत्र में अनियमित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने, बाढ़ एवं अतिवृष्टि से किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई व मुआवजे का भुगतान कराए जाने, गन्ना कृषक का बकाया भुगतान कराने, करनैलगंज नगर पालिका परसपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भू माफियाओं द्वारा सैकड़ों वर्ष पुराने तालाब एवं सरकारी जमीनों को पर हो रहे कब्जे को रोके जाने, कोतवाली करनैलगंज थाना परसपुर की पुलिस द्वारा भयंकर भ्रष्टाचार व कार्रवाई को रोकने एवं प्रभारियों को स्थानांतरित करने के साथ-साथ अन्य मांगे रखी गई हैं।

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने करनैलगंज डाक बंगला परिसर में प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी ज्ञान चंद्र गुप्ता को सौंपा।

जिसमें मुख्य रूप से योगेश प्रताप सिंह पूर्व राज्यमंत्री, बैजनाथ दुबे पूर्व विधायक, महफूज खां एमएलसी, शमीम अच्छन, फहीम अहमद, गणेश पाण्डेय, दीपक कुमार पाठक, कैलाश पाण्डेय, दिनेश यादव, बब्लू यादव, सुनील सिंह, राज कुमार सिंह, प्रवीण भट्ट, करन शर्मा, धूम सिंह, गिरिजा शंकर सिंह, जाहिद हुसैन, बेनी प्रसाद यादव, पप्पू सिंह आटा, सुंदर लाल यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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