Lakhimpur Kheri News:बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने हर मोर्चे पर किया बेहतर कार्य- सीएमओ

एन.के.मिश्रा
लखीमपुर खीरी। अचानक आई बाढ़ ने जनपद की करीब छह तहसीलों को प्रभावित किया। जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलीय रोगों का खतरा बढ़ गया, इसे लेकर शासन के निर्देश पर अलर्ट मोड पर रहते हुए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने बेहतर सेवाएं देते हुए सैकड़ों मरीजों को उपचार दिया है। यही कारण रहा कि एक बड़े क्षेत्रफल में आई बाढ़ के बावजूद भी रोगी कम हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कार्यों पर जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि जनपद में अचानक आई बाढ़ से करीब छह तहसीलें प्रभावित हुई हैं और दर्जनों ब्लॉक इसकी चपेट में आए हैं कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं परंतु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सहित पूरा मेडिकल स्टाफ इस विषम परिस्थिति में लोगों की सेवा करने में लगा रहा अगर बात करें तो सूचना के बाद ही नौ अति प्रभावित स्थानों में 8 मोबाइल वैन सहित 19 अधिकारियों एवं 113 श्रमिकों के साथ 38 फ्लड चौकी स्थापित की गई थीं वहीं 21 अक्टूबर को स्वयं सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर द्वारा नकहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण किया गया। जहां करीब एक मीटर पानी चल रहा था इस दौरान यहां से कई मरीजों को सुरक्षित जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। जिसमें एक गर्भवती महिला भी थी। 23 अक्टूबर को मुख्य भूमि से कटे 49 गांवों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए टीमें गठित की गई। करीब 175 ऐसे गांव थे जो पानी में डूबे थे यहां तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई और कुल प्रभावित 173 गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने जा जाकर निरीक्षण कर औषधियां वितरित की। जल जनित रोगों को रोकने के लिए 690 लोगों की पहचान की गई है और इन सभी की देखभाल की जा रही है।
अब तक हुए रोगों और रोगियों की पहचान कर दी गई औषधियां
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की बात करें तो 1839 मरीजों को दवा की किट दी गई है, अंतिम तिमाही में गर्भवती महिलाओं को निकालने के लिए 27 गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, ब्लड प्रेशर के मरीजों की मदद के लिए 34 रोगियों की पहचान की गई और उनकी देखभाल की जा रही है, मधुमेह से पीड़ित 19 रोगियों की पहचान कर उन्हें दवा के साथ उनकी देखभाल की जा रही है, वेक्टर जनित रोगों की महामारी को रोकने के लिए मलेरिया के (104), डेंगू (31), एईएस (30), स्क्रब टाइफस (5), जापानी इंसेफेलाइटिस (5), कालाजार (2), मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। 2021 में सिर्फ एईएस से 2 मौत हुई हैं। यह सब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का परिणाम है कि स्वास्थ्य विभाग बेहतर सेवाएं देने में सफल रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *