Gonda News:तिर्रेमनोरमा राम जानकी मंदिर में हुए गोली काण्ड में घायल अभियुक्त पुजारी को पुलिस ने भेजा जेल,आठ गिरफ्तार एक अब भी फरार

इस प्रकरण में सात लोग पहले ही जा चुके है जेल एक अब भी फरार

राम नरायन जायसवाल

 गोण्डा।  इटियाथोक अन्तर्गत तिर्रेमनोरमा मनोरमा उद्गम स्थल पर स्थित राम जानकी मंदिर के 120 बीघे जमीनी विवाद एवं प्रधानी हथियाने को लेकर पुजारी द्वारा अपने विरोधियों को फसाने की साजिश के तहत गोली काण्ड में घायल अभियुक्त पुजारी को  मेडिकल कालेज लखनऊ हो रहे इलाज के बाद डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने जेल भेज दिया है। 

बताते चले कि इटियाथोक थाना क्षेत्र के तिर्रेमनोरमा मनोरमा उद्गम स्थल पर स्थित राम जानकी मंदिर के महन्त सीताराम दास से मन्दिर की 120 बीघे जमीन को लेकर तिर्रेमनोरमा गांव के पूर्व प्रधान अमर सिंह  से विवाद चल रहा जिसमें कुछ दिन पहले अमर सिंह व महन्त के बीच बवाल हुआ था जिसमें अमर सिंह जेल चलेगये थे। कुछ दिन पहले जेल से छूटकर आये थे कि 11अक्टूबर को रात्र  लगभग दो बजे राम जानकी मंदिर के पुजारी सम्राट दाम उर्फ अतुल त्रिपाठी गोलियों द्वारा हमला हो गया लेकिन गोली पुजारी के कन्धे से छूती हुई निकल गयी घायल अवस्था में पुजारी को जिला अस्पताल गोण्डा लाया गया। जहां पर डॉक्टरो ने लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया इधर पुजारी को गोली मारने की घटना को सुन क्षेत्र में तहलका मच अयोध्या के साधू संतो का दल भी आ पहुंचा सारे लोग इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यव्स्था में लापरवाही के चलते घटना घटित बता रहे थे।

महन्त सीताराम दास ने एक आडियो वायरल कर पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया। उसके उपरांत पूर्व प्रधान अमर सिंह अपनी पुरानी दुश्मनी का हवाला देते हुए चार लोगों को नामजद मुलजिम बना दिया।पुलिस ने स्थिति को गम्भीरता से लेते हुए जेल भेज दिया था।

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने आडियो को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी संदीप सिंह को  लापरवाही के आरोप में निलम्बत  कर दिया।और संजय दूबे को थाना प्रभारी बनाना दिया। 

नये थाना प्रभारी ने जांच शुरू की तो मामला पूरा उल्ट गया मुकदमा वादी महन्त सीताराम दास ही आरोपी हो गया। पुलिस की विवेचना में जो तथ्य ऊभर कर सामने आये कि गांव के वर्तमान प्रधान विनय सिंह व महन्त सीताराम दास ने अपने-अपने निजी स्वार्थो के तहत योजना बनायी कि अमर सिंह को फिर कैसे जेल भेजवाया जाय जिससे प्रधानी के चुनाव का काँटा हटाया जाय  तथा जब वह प्रधान नही हो पायेगा तो जमीनी विवाद का मामला शांत रहेगा। 

जिसके चलते राम जानकी मंदिर के महन्त सीताराम दास व प्रधान विनय सिंह ने एक योजना बनायी थी इस योजना में पुजारी सम्राट दाम उर्फ अतुल त्रिपाठी अपने ऊपर गोली मरवाने को तैयार हो गया जिसके चलते 11अक्टूबर को पुजारी घटना को सकुशल कारित भी कर दिया था लेकिन पुलिस की खिचाई होते देख पुलिस की विवेचना में जो तथ्य ऊभर कर सामने आये उसमें  16 अक्टूबर को महन्त सीताराम दास सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर गोली काण्ड में शामिल असलहे को बरामद कर महन्त ने यह कबूल कर लिया कि विरोधियों को फंसाने की साजिश के तहत पुजारी को गोली मारी गयी थी जिसमें पुजारी भी शामिल था। 

सात लोगों को गिरफ्तारी के बाद 17 अक्टूबर को  जेल भेज दिया गया  था लेकिन पुजारी का इलाज लखनऊ मेडिकल कालेज में चल रहा था जिससे पुलिस का पहरा बैठा दिया गया था 19 अक्टूबर को मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज होने के उपरांत उप निरीक्षक अमित कनौजिया पुलिस बल के साथ इटियाथोक पुलिस विवेचना कर रहे उप निरीक्षक राजेश कुमार पाण्डेय को सुपुर्द किया गया था उनके द्वारा गोली काण्ड में घायल अभियुक्त सम्राट दाम उर्फ अतुल त्रिपाठी  पुत्र सत्यनराण त्रिपाठी निवासी गुड़ थाना गुड़ जनपद रीवा को जेल भेज दिया है ।इस मामले मे कुल नौ आरोपी पुलिस विवेचना मे आये थे जिसमे अब तक आठ आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है एक अभियुक्त अब भी पुलिस पकड से बाहर बताया जा रहा है ।

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