Gonda News:स्वास्थय विभाग की एक नाकामी और आयी सामने कोरोना वैक्सीनेशन में 18%37 बर्बादी का मामला आया सामने

राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन की निदेशक की समीक्षा मे हुआ ऊजागर सीएम से मांगी रिपोर्ट

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। कोरोना महामारी से बचाव के भारत सरकार ने वैक्सीनेशन प्रकिया में लगातार तेजी लाने के लिए प्रचार प्रसार कर इस महामारी से बचाव का पूरा प्रयास कर रही है जिससे तीसरी लहर पर भी काबू पाया जा सके लेकिन गोण्डा में कुछ ऐसा नही दिखाई पड रहा है स्वास्थय विभाग की नाकामियों का मामला एक बार फिर ऊजागर हुआ जिसमें 18% 37कोविड 19 की वैक्सीन बर्बाद होने का मामला सामने आने से जिले में हडकम्प मच गया है।
बताते चले की कोविड 19 वैक्सीन की समीक्षा राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन की निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने की तो कई जिलों में वैक्सीन बर्बादी का मामला सामने आया जिसमें गोण्डा जनपद में कराये गये वैक्सीनेशन के सापेक्ष 18%वैक्सीन बर्बाद होने के मामले सामने आये यही नही वैक्सीन बर्बादी में गोण्डा चौथे स्थान पर आ गया। जिसको लेकर शासन द्वारा सीएमओ को पत्र मिलते ही स्वास्थय विभाग में हडकम्प मच गया। सीएमओ पूरे मामले की जांच कर रहे है।
उनका कहना कि जिले में लगभग 18% व्यक्ति को लगने वाली वैक्सीन की बर्बादी हुई है। जबकि स्वास्थय विभाग के स्वास्थय कर्मियों को ट्रेनिंग के माध्यम से यह जानकारी दी गयी थी कि जबतक 10 व्यक्ति इकट्ठा न हो जाए वैक्सीन की डोज किसी को न लगायी जाय। सीएमओ की माने तो जांच की जा रही है कि किस स्तर पर वैक्सीन बर्बाद हुई है।
गोण्डा में तीन लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन का सिंगल डोज लग चुका है ।
इसके बाद 18 वर्ष से ऊपर के 60 हजार से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। जबकि डबल डोज वालों की संख्या भी 50 हजार उसके बावजूद जिले में 18% 37 वैक्सीन बर्बाद होने की बात सामने आ रही है।
जिले में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ हुआ था जिसमें जिसमें पहले चरण में हेल्थ केयर वर्कर,दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर का वैक्सीनेशन हुआ था। इसके बाद विभिन्न चरणों में अलग-अलग कैटेगरी के लोगों का टीकाकरण कराया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन की निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने वैक्सीनेशन की समीक्षा की तो चौकाने वाले तथ्य सामने आया। शून्य से एक फीसदी तक वैक्सीन की वेस्टेज अनुमन्य होने के बाद भी 16 जनवरी से 31 मई तक गोण्डा में 18%37 वैक्सीन वेस्टेज हुई है।

सीएमओ गोण्डा क्या कहते है
जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर आर एस केशरी ने बताया कि गोण्डा में 3 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन का सिंगल डोज लग चुका है। 18 वर्ष से ऊपर 60 हजार से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। जबकि डबल डोज वालों की संख्या भी 50 हजार है उसके बाद 18% 37 वैक्सीन बर्बादी की मिशन निदेशक ने सीएमओ को लिखे पत्र में बताया है। सीएमओ की माने तो यह आकडा फीडिंग में गलती से चली गयी थी जिले में वेस्ट वैक्सीन की संख्या कम है। लोगों को ट्रेनिंग के माध्यम से बताया गया है कि जब दस लोग इकट्ठे हो तभी वैक्सीनेशन का कार्य किया जाय।
इस महामारी से बचाव के लिए एक- एक डोज कीमती है हर स्तर पर निगरानी के बावजूद वैक्सीन की बर्बादी चिंता जनक है भी प्रदेश में चौथे नम्बर पर 18%37 की बर्बादी वैसे वैक्सीन बर्बादी के रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थय विभाग के अधिकारी अपने बचाव के मुद्रा मे देखे जा रहे हैं।

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