Gonda News:निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी सयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा आन्दोलन समाप्त जनता ने ली राहत की सांंस

जिले में विद्युत जहाँ शहरी क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था समान्य है वही ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने की मिल रही थी शिकायते

 विद्युत सब स्टेशन संविदा कर्मियों के सहारे जिला प्रशासन ने लेखपालों की थी तैनाती आन्दोलन समाप्त उपभोक्ताओ ने ली राहत की सांंस दो दिन चला कार्य बहिष्कार आन्दोलन

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।निजीकरण के विरोध में  विद्युत कर्मचारी सयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारी जूनियर इंजीनियर्स एवं अभियन्ता आज दूसरे दिन भी अनिश्चित कालीन पूर्ण कार्य बहिष्कार पर बने रहने के  चलते संविदा कर्मियों के सहारे विद्युत आपूर्ति कराया जा रहा जिले भर में सब स्टेशनो पर प्रशासन ने लेखपालों व विद्ययु संविदा कर्मियों   की तैनाती कर रखी है उसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रो में आपूर्ति बाधित होने की शिकायते मिल रही जिला अस्पताल सहित आवश्यक सेवाये सामान्य बनी हुई है ।वही मंंगलवार देर शाम आन्दोलन समाप्त होने पर उपभोक्ताओ ने राहत की सांंस ली तो प्रशासन को चयन मिला है ।

बताते चले कि निजीकरण के विरोध में  विद्युत विभाग कर्मचारियो एवं अधिकारियों के हड़ताल को चलते गोण्डा में कार्य खण्ड अधिकारी इ0 बीडी यादव की अध्यक्षता में दूसरे दिन भी अनिश्चित कालीन पूर्ण बहिष्कार कर विद्युत कर्मी धरने पर बने रहे जिला प्रशासन द्वारा सभी विद्युत सब स्टेशनो पर लेखपालों सहित संविदा कर्मियों के सहारे विद्युत आपूर्ति देने का कार्य किया जा रहा है लेकिन कुछ ग्रामीण क्षेत्रो में आपूर्ति बाधित होने की शिकायते मिल रही है जैसे खरगूपुर,इटियाथोक,मनकापुर में इस समबन्ध में मनकापुर तहसीलदार मिश्री लाल से जानकारी करने पर उन्होंने बताया है कि विद्युत विभाग के सरकारी कार्यालयों के बन्द होने से तार या विद्युत में प्रयोग होने वाले सटूमेनट नही उपलब्ध होने से दिक्कत आ रही है।जिले में जले परिवर्तको के बदलने व राजस्व संग्रह पूर्ण रूप से ठप पडा है। 

 वही पारेषण खण्ड के अधिशाषी अभियंता इ0उदय  प्रताप ने बताया है कि 220 केवी पारेषण उप केन्द्र गोण्डा के सभी 3×40 एमवीए के परिवर्तक ट्रिप कर गये परन्तु अस्पताल की आपूर्ति जारी रखने के संघर्ष समिति के निर्णय के क्रम मे इसका फाल्ट सही कराकर बहाल करा दी गयी है एवं 33 केवी फलैशबट ब्रेक डाऊन में है।विद्युत कर्मचारी समिति के संयोजक अशवनी कुमार कुशवाहा ने कहा निजीकरण के वापसी होने तक आंदोलन जारी रहने की बात कही थी लेकिन देर शाम विद्दुत कर्मचारियो की बाराता सफल हो गयी और तीन माह तक के लिये निजीकरण व्यस्था पर शासन ने रोक लगा दी है ।

हडताल वापसी की खबर से जहांं उपभोक्ताओ ने राहत की सांंस ली वही प्रशासन ने भी चयन महसूस किया है ।

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