Gonda News:विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनांतर्गत प्रशिक्षित लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, टूल किट व स्वीकृत पत्र वितरित

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा ।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज बृहस्पतिवार को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संचालित की जा रही योजना विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत प्रशिक्षित हुए लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण – पत्र टूलकिट व मुद्रा योजनान्तर्गत स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण वितरण कार्यक्रम के क्रम में जनपद में जिलाधिकारी डॉ० नितिन बंसल की उपस्थिति में एन. आई. सी. सेंटर में 05 लाभार्थियों को टूलकिट प्रशिक्षण प्रमाण – पत्र चेक / स्वीकृत पत्र प्रदान किया गया । वीडिओं कान्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी व उपायुक्त उद्योग अश्विन कुमार वर्मा के  अतिरिक्त सभी लाभार्थीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर लाभार्थी रामकेवल शर्मा व माधव राम को इण्डियन बैंक इलाहाबाद,कृषि उत्पादन मण्डी की ओर से दो – दो लाख रुपए का तथा दुर्गा प्रसाद को एक लाख रुपए का बढ़ई ट्रेड में स्वीकृत पत्र प्रदान किया गया। इसी प्रकार उक्त बैंक के माध्यम से ही नितिन को लोहार ट्रेड में तथा श्रीराम को कुम्हार ट्रेड में एक – एक लाख रुपए  का स्वीकृत पत्र प्रदान किया गया।

 ज्ञातव्य है कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों के परम्परागत कारीगरी, शिल्प को बढ़ावा देने तथा लोगों को स्वरोजगार देने के उद्देश्य से ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पारम्परिक कारीगरों बढ़ई, लोहार, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, कुम्हार, हलवाई, जूते-चप्पल बनाने वाले आदि स्वरोजगारियों तथा पारम्परिक हस्तशिल्पियों की कलाओं के प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन तथा उनकी आय में वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू किया है।

कोरोना काल में अन्य प्रदेशों में काम करने वाले उ0प्र0 के कारीगरों/श्रमिकों के वापस आने पर अब उन्हें बेरोजगारी की समस्या न आये, इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। लाखों की संख्या में वापस आये प्रदेश के श्रमिकों को काम-काज मिल सके इसें विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना बड़ी मददगार साबित हो रही है। कोरोना वायरस के चलते किये गये लाॅकडाउन के कारण लाखों कुशल अकुशल श्रमिक प्रदेश में आ गये हैं। अब ऐसी स्थिति में यह लोग उन प्रदेशों/शहरों में वापस न जायं, प्रदेश में ही उनके कौशल का उपयोग करते हुए योगी आदित्यनाथ जी की सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत 06 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उनके स्वयं के कारोबार स्थापित करने के लिए सहायता दे रही है।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न परम्परागत उद्यमों तथा आधुनिक तरीकों के उद्यमों के लिए बढ़ईगीरी, दर्जी का कार्य, टोकरी बनाने, बाल काटने हेतु नाई का कार्य, गहने आभूषण बनाने वाले सुनार, लोहार, कुम्हारीकला, हलवाई का कार्य, जूता-चप्पल बनाने हेतु मोची का कार्य तथा अन्न हस्तशिल्प की कला को सीखने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह योजना संचालित की है। इस योजना का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी छोटे-बडे़ वर्ग के बेरोजगार लोगों को बेहतर प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें सम्बंधित उद्यम स्थापित कराकर आत्मनिर्भर बनाना है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो और वे काम-काज व रोजगार के लिए अन्य राज्यों में न जाय। उनके कामकाज करने से उनकी और प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

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