Gonda News:टाउन हाल में वृहद विधिक जागरूकता शिविर व प्रदर्शनी का आयोजन जनपद न्यायाधीश द्वारा फीता काटकर किया

 

राम नरायन जायसवाल 

गोण्डा ।उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण , लखनऊ के निर्देशानुसार एवं  जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा  मयंक कुमार जैन के अध्यक्षता में तथा  पीठासीन अधिकारी डा0 अनुपमा गोपाल निगम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ,  महन्थ लाल  अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत,  मार्कण्डेय शाही जिलाधिकारी गोण्डा,  मो ० नियाज अहमद चतुर्थ अपर जिला जज / नोडल अधिकारी अमृत महोत्सव जनसम्पर्क अभियान , डॉ० दीनानाथ सप्तम अपर जिला जज / नोडल अधिकारी लोक अदालत एवं  कृष्ण प्रताप सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के साथ जनपद न्यायालय के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण एवं जिला प्रशासन के सम्मानित अधिकारीगण की उपस्थिति में मनाये जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के अनुसरण में विधिक सेवा व सहायता गतिविधियों को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद गोण्डा के टाउन हाल में वृहद विधिक जागरूकता शिविर एवं प्रदर्शनी का आयोजन  जनपद न्यायाधीश गोण्डा द्वारा फीता काटकर किया गया।

 

जनपद न्यायाधीश द्वारा वृहद विधिक जागरूकता शिविर एवं प्रदर्शनी का शुभारम्भ करते हुए बताया गया कि वर्तमान में न्याय सभी के लिए उपलब्ध है , न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति अपना मामला न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहता है अथवा उसका कोई प्रकरण न्यायालय में लम्बित है तो उस व्यक्ति की गरीबी न्याय दिलाने में रुकावट नहीं होगी । वर्तमान समय में तहसील स्तरीय न्यायालय से उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय तक न्याय दिलाये जाने हेतु विधिक सेवा समितिया , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समितिया कार्य कर रही है । कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है , मानव दुर्व्यव्हार एवं बेगारी से पीड़ित है , स्त्री या बालक है , मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा असमर्थ है , जातीय हिंसा , अत्याचार , औद्योगिक कर्मकार आदि श्रेणी में आने वाले व्यक्ति है , तो निःशुल्क विधिक सहायता पाने के हकदार हैं ।

 

इसके लिए आवेदन जिले में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को करना पड़ेगा । दूरस्थ ग्रामीण एवं दूरगामी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति आनलाइन के माध्यम से विधिक सेवाओं की जानकारी तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं । विधिक जागरूकता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के सचिव  कृष्ण प्रताप सिंह द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि आजादी का अमृत महोत्सव दिनांक 02 अक्टूबर, 2021 से आगामी 14 नवंबर, 2021 तक मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत के संविधान में जनसामान्य के जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन रोकने के लिए मौलिक अधिकार दिया गया है , जिससे जनपद के समस्त जनमानस तक विधिक सेवा / सहायता गतिविधियों से जागरूक करना है । इसके लिए जनपद स्तर , तहसील स्तर ब्लाक स्तर से लेकर गांव स्तर तक समितिया / टीमें बनाई गयी है । सचिव  सिंह द्वारा पीडित क्षतिपूर्ति योजना , राष्ट्रीय लोक अदालत , मध्यस्थता के साथ यह भी बताया गया कि आजादी के अमृत महोत्सव का तृतीय चरण चल रहा है , जो आगामी 03 नवंबर, 2021 तक विधिक शिविरों एवं डोर टू डोर जनसम्पर्क अभियान के माध्यम से चलेगा।

जनपद के समस्त गांवों, कस्बों शहरों में आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के दौरान विधिक सेवा / सहायता गतिविधियों के आयोजन में व्यापक प्रचार – प्रसार हेतु गांव ब्लाक , तहसील एवं जिले स्तर पर सार्वजनिक राशन की दुकानदारों , आशा बहुओं , आगनबाड़ी कार्यकत्रियों , लेखपाल पराविधिक स्वयं सेवकों , समाज सेवकों , छात्रों , सरकारी / अर्द्धसरकारी कर्मचारियों , शिक्षित व्यक्तियों आदि का सहयोग लिया जा रहा है । इस बावत जनपद के समस्त गावों , कस्बों , शहरों आदि को कवर करने हेतु तथा जनसामान्य तक विधिक सेवा / सहायता गतिविधियों को पहुंचाने के लिए सम्बन्धित विभाग के उच्च अधिकारियों से सहयोग हेतु अपील किया गया है ।  नियाज अहमद असारी अपर जनपद न्यायाधीश / नोडल अधिकारी द्वारा बताया गया कि साक्षरता का अर्थ पढ़ना – लिखना है , ठीक इसी प्रकार विधिक साक्षरता का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को विधिक अर्थात कानूनों का भी ज्ञान होना चाहिए कि वह अपने अधिकार को समझ सके व उसको प्राप्त कर सके। समाज सेविका एवं अधिवक्ता सु रूचि मोदी द्वारा महिलाओं के अधिकार विषय पर जानकारी देते हुए मिशन शक्ति पर प्रकाश डाला गया तथा राजकीय इण्टर कालेज एवं अवध नर्सिंग कालेज के छात्र / छात्राओं द्वारा विधिक जागरूकता सम्बन्धी तथा राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं द्वारा महिला सशक्तिकरण को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

 

वहीं अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा साइबर क्राइम विषय पर विस्तृत जानकारी दी गयी। सु सुषमा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मध्यस्थता नियमावली के तहत मध्यस्थता की कार्यवाही एवं कियान्यवन के बावत जानकारी प्रदान की गयी।  सत्य प्रकाश नरायन तिवारी अपर सिविल जज ( जूडि ) द्वारा स्थायी लोक अदालत के बारे में सम्बोधन किया गया। डा० रावत द्वारा मेडिको लीगल के विषय पर विधिवत जानकारी प्रदान की गयी।

इस अवसर पर सिविल बार एवं बार एसोसिएशन के वरिष्ठ एवं विद्वान अधिवक्तागण, सम्मानित अभियोजन अधिकारीगण , पराविधिक स्वयं सेवकों के साथ जनपद न्यायालय व जिला प्रशासन के कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। इस बृहद विधिक जागरूकता शिविर एवं प्रदर्शनी में विकास विभाग , चिकित्सा विभाग , शिक्षा विभाग , बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग , समाज कल्याण विभाग , पंचायती राज विभाग , महिला एवं बाल कल्याण विभाग , श्रम प्रवर्तन विभाग , राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , वन स्टाप सेन्टर आदि विभागों द्वारा प्रतिभाग करते हुए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से सम्बन्धित स्टाल लगाकर कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता प्रदान की गयी।

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