Gonda News:जलशक्ति मंत्री ने बाढ़ कार्यों का किया निरीक्षण, ड्रेजिंग एवं चैनेलाइजेशन कार्य समय से कराएं पूर्ण-मंत्री

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री डा 0 महेन्द्र सिंह ने गुरूवार को जनपद गोण्डा में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया तथा मानसून से पूर्व जनता को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान किये जाने के दृष्टिगत बाढ़ परियोजनाओं के कार्य आसन्न मानसून पूर्व अतिशीघ्र पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये । साथ ही बाढ़ सम्बन्धी समस्त तैयारियां मानसून से पूर्व सुनिश्चित किये जाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की सफाई भी वर्षा काल से पूर्व पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए ।


जलशक्ति मंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के बावजूद सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ की तैयारियों के समस्त कार्य समयानुसार कराये जा रहे है । वर्ष 2020-21 में सिंचाई विभाग के अन्तर्गत 254 बाढ़ परियोजनाएं संचालित थीं जिनमें से 83 परियोजनाओं के कार्य बाढ़ काल 2020 के प्रारम्भ होने से पूर्व माह जून तक पूर्ण कर लिए गये थे तथा शेष परियोजनाओं के कार्य सुरक्षित स्तर तक इस प्रकार सम्पादित कराये गये कि उनका लाभ जनता को प्राप्त हो सके ।अतिसंवेदनशीन स्थलों जिन पर बाढ़ परियोजनाएं स्वीकृत नहीं थी उन स्थलों पर अनुरक्षण मद से अति आवश्यक कार्य कराकर बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की गयी । माह दिसम्बर, 2020 तक 146 परियोजनाएं पूर्ण की गयी तथा वर्ष के अन्त तक अर्थात माह मार्च, 2021 तक 193 परियोजनाएं पूर्ण की गयी । वर्तमान वर्ष में अब तक कुल 215 परियोजनाएं पूर्ण हुई है । शेष परियोजनाओं के कार्य तेजी से प्रगति में हैं तथा आसन्न मानसून से पूर्व पूर्ण किये जाने हैं ।
मंत्री ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार निरन्तर इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है कि बाढ़ बचाव कार्य समय से प्रारम्भ हों , गुणवत्तापरक हों तथा पूर्ण पारदर्शिता से सम्पादित कराये जाएं ।

जलप्लावन की समस्या के निराकरण को चलाया जा रहा अभियान


जनपद गोण्डा में घाघरा नदी पर स्थित सकरौर भिखारीपुर तटबंध की घोड़हन – ऐली – परसौली के पास ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन कार्य की परियोजना स्वीकृत है, जिसके अन्तर्गत 7.3 किमी. की ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन का कार्य प्राविधानित है । वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति 82 प्रतिशत है, ड्रेजिंग कार्य के फलस्वरूप 8,15,000 घन मी0 ड्रेज्ड मैटेरियल निकाला गया है , जिसमें से 6,21,875 घन मी0 बालू की नीलामी की कार्यवाही प्रगति में है। इस परियोजना के कार्य पूर्ण होने से ग्राम घोड़हनपुरवा, ऐली, परसौली में बाढ़ का प्रभाव कम हो जाएगा। जलशक्ति मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा के दौरान जलप्लावन की समस्या के निराकरण करने के उद्देश्य से समस्त ड्रेनों / नालों की सफाई कराये जाने का अभियान भी प्रारम्भ किया गया है । ड्रेनों / नालों के इस सफाई कार्यक्रम में उन पर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल / पुलियों के जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा । विभाग के अन्तर्गत कुल 10787 नाले है जिनकी कुल लम्बाई 60205 किमी 0 है । इनमें से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2751 नालों की 13300 किमी लम्बाई , वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2481 नालों की 12073 किमी 0 लम्बाई में सफाई कराई गयी । वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4811 नालो की 23944 किमी लम्बाई में सफाई करायी जा रही है । नालों पर सफाई के कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि जलप्लावन से मुक्त हो सकेगी जिससे कृषकों की फसलों की क्षति को रोका जा सकेगा ।

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