Gonda News:जिले में यूरिया खाद्य दुकानो से गायब 400 से लेकर 450 रूपये में बिक रही खाद्य साथ में जिंक लेना अनिवार्य

आठ लाख किसान खरीफ फसल के लिए अगस्त माह में 43हजार पांच सौ मीट्रिक टन की मांग-उपलब्ध 46 हजार मीट्रिक टन 

मांग से अधिक 2500 मीट्रिक टन  खाद्य उपलब्ध:जगदीश प्रसाद यादव 

बी.के.ओझा

गोण्डा। जिले में एक तरफ यूरिया  खाद्य को लेकर किसान दर-दर भटक रहा वही कृषि विभाग द्वारा खाद्य की कोई किल्लत नही है अगस्त माह में लक्ष्य से ज्यादा खाद्य उपलब्ध है ।

बताते चले कि जिले में कुल लगभग राजस्व रिकार्डो के अनुसार आठ लाख किसान है। खरीफ धान की फसल एक लाख 87 हजार एक सौ चार हेक्टेयर है एवं गन्ने की लगभग एक लाख हेक्टेयर बतायी जा रही।धान की आखरी टाप ड्रेसिंग के लिए एवं गन्ने पर 43 हजार पांच सौ मीट्रिक टन की आवश्यकता है। जबकि खाद्य की उपलब्धता 46 हजार मीट्रिक टन है जो आवश्यकता से 2500 मीट्रिक टन अधिक है। कृषि विभाग द्वारा  उसके बाद खाद्य की किल्लत देखी जा रही है। जिले में 166 समितियां है जिसमें सरकार द्वारा 144 समितियां को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत पांच लाख रुपये प्राप्त कर समितियों के संचालन की व्यवस्था कराई गई है। 

विभाग द्वारा यह बताया गया है कि 144 समितियों में भी लगभग आधी समितियां बन्द है।इनके संचालको द्वारा पैसे की हेराफेरी के चलते बन्द पडी है। 1500 प्राइवेट लाइसेंस धारक है इन्ही के माध्यम से आठ लाख किसानों को खाद्य आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है । प्राइवेट लाइसेंस धारकों की माने तो खाद्य डीलरो द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक पर गोदामो में खाद्य उपलब्ध कराई जा रही है । जिसके चलते सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रूपये 50 पैसे में किसानों को खाद्य उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है।

 किसान अभिमन्यु पटेल ईटेला खुर्द कहते हैं कि समितियों पर आई खाद्य पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नही है लम्बी-चौड़ी लाइन लगाने के बाद भी नही मिल पा रही प्राइवेट लाइसेंस धारक यूरिया खाद्य के साथ एक किलो जिंक की पैक्ट देकर 400से 450 रूपये लेकर दे रहे है वह भी सुबह शाम दौड़ा रहे है। 

विष्णु पाण्डेय किसान  महमूदपुर ने बताया कि दुकानों पर खाद्य उपलब्ध नही है सारे दुकान दार यह कह रहें हैं कि डीलर अधिक रेट पर खाद्य दे रहे है ऐसे में खाद्य लाकर सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से बेचने पर नुकसान उठाना पड रहा किसी तरीके से 400 रूपये में खाद उपलब्ध हो पायी है। 

मनकापुर समिति पर आई यूरिया खाद को लेकर तप्ती धूप में किसान लाइन लगा कर घंटो खडे रहने के बाद भी नही मिल पाई सूत्रो की माने तो मनकापुर के एक प्रभावशाली जन -प्रतिनिधि के यहाँ ही पचास बोरी खाद्य समिति को उपलब्ध करानी पड़ी जिसके चलते तमाम किसानों को बिना खाद्य लिए ही वापस होना पड़ा है किसानों की माने तो खाद्य को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। दुकानो से खाद्य गायब है। 

जिला कृषि अधिकारी क्या कहते है  

  जिला कृषि अधिकारी जगदीश प्रसाद यादव ने बताया है कि खाद्य की कोई किल्लत नही जिले में  कुल 144 समितियो का संचालन हो रहा  है तथा 1500 प्राइवेट लाइसेंस धारक है मांग से ज्यादा खाद्य उपलब्ध है दो दिनों में सामान्य स्थिति हो जायेगी जिले के प्राइवेट लाइसेंस धारकों के यहाँ छापामारी की कार्य वाई करके कई लोगों के लाइसेंस निलंबित किये गये है तथा समितियों के माध्यमों से खाद्य उपलब्ध कराई जा रही है। 

शनिवार और रविवार लॉक डॉउन के दिन भी खाद व बीज की दुकानें खुली रहेंगी – डीएम

जनपद में यूरिया की उपलब्धता  के संबंध में जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने बताया है कि यूरिया की पर्याप्त मात्रा जनपद में प्राप्त हो रही है। शनिवार तक जनपद में यूरिया की पर्याप्त रैक आ जाएगी तथा अगले एक-दो दिन में स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी कृषक बंधु धैर्य बनाए रखें।

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