Gonda News: शिक्षको के अन्तर्जनपदीय स्थांतरण को लेकर धन उगाही के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निलम्बित

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा। शिक्षा विभाग के शिक्षको के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण में विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा अवैध धन उगाही किये जाने का समाचार सोशल मीडिया में वायरल होने पर डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति के विरूद्ध तीन सदस्यी जांच कमेटी गठित की थी जांच कमेटी ने रिपोर्ट के आधार पर शासन भेजा जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने किया निलंबित शिक्षा निदेशालय लखनऊ में किया संबद्ध।

इसके पहले पीलीभीत में भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति लगातार विवादों में घिरे रहे। अनियमितताएं बरतने पर उन्हें शासन ने निलंबित किया था शिक्षा निदेशालय लखनऊ के बाद गोंडा बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाए गए थे।

जनपद गोण्डा में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षको के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण में विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा अवैध धन उगाही किये जाने का समाचार सोशल मीडिया में वायरल होने पर जिलाधिकारी , गोण्डा द्वारा अपने आदेश संख्या -3677 / जे 0 ए 0 / जांच / 2020-21 दिनाक 03-02-2020 के माध्यम से अपर जिलधिकारी गोण्डा , अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा तथा सहायक शिक्षा निदेशक की तीन सदस्यीय जाच समिति गठित की गयी । जिलाधिकारी , गोण्डा ने अपने पत्र संख्या -3707 / ओ 0 एस 0 डी 0 दिनाक 06-02-2020 द्वारा जाच समिति द्वारा प्रस्तुत जाच रिपोर्ट दिनाक 06-02-2021 की प्रति शासन को उपलब्ध करायी गयी । शासन स्तर पर उक्त जाच रिपोर्ट के परीक्षणोपरान्त पाया गया कि जनपद गाण्डा में शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के उपरान्त उनके रिलीविंग में सम्बन्धित शिक्षकों से अवैध रूप से धनराशि की वसूली की गयी है । अध्यापको को कार्यमुक्त किये जाने सम्बन्धी पत्रावलिया कार्यालय में जानबूझ कर समय से तैयार नहीं की गयी तथा अनावश्यक रूप से विलम्ब कर धनराशि की वसूली का आधार तैयार किया गया । खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त पत्रावलियों का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किसी रजिस्ट्रर पर अंकन नहीं हुआ तथा अन्तिम दिवस अर्थात 02.02.2021 को सम्बामात कार्यवृत्त बिना डिस्पच नम्बर के जारी किया गया है । अन्तिम तिथि को रात्रि 09.00 बजे तक 1085 अध्यापकों के सापेक्ष 400 अध्यापको को कार्यमुक्त किया गया था , जिससे स्पष्ट है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा द्वारा न तो अपने दायित्वों का सम्यक रूप से निवर्हन किया गया और न ही कोई प्रबन्धन किया गया , जिससे घोर अव्यवस्था उत्पन्न हुयी । उपरोक्त अव्यवस्था के दृष्टिगत कार्यमुक्ति के अन्तिम दिवस को मजिस्ट्रेट एवं पुलिस कर्मी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर लगाये गये थे जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत नही कराया गया था । इस सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को जो पत्र प्रेषित किया गया है , उसके डिस्पैच रजिस्टर का मिलान करने पर यह पाया गया कि उक्त डिस्पैच नम्बर पर कोई दूसरा पत्र निर्गत है । उक्त समस्त कार्यवाही से डा ० इन्द्रजीत प्रजापति , जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी , गोण्डा की सत्यनिष्ठा संदिग्ध प्रतीत पायी गयी है ।

शासन द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में डा ० इन्द्रजीत प्रजापति , जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोण्डा द्वारा कारित उक्त गम्भीर अनियमितताओं हेतु प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए उनको उ 0 प्र 0 सरकारी सेवक ( अनुशासन एवं अपील ) नियमावली 1999 के नियम -4 के तहत तत्काल प्रभाव से निलस्थित कर उनके विरूद्ध उ 0 प्र 0 सरकारी सेवक ( अनुशासन एवं अपील ) नियमावली 1999 के नियम 7 के अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही सस्थित करते हुए उक्त अनुशासनिक जाच के सम्पादन हेतु मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक , लखनऊ मण्डल , लखनऊ को पदेन जाच अधिकारी नामित किये जाने का निर्णय लिया गया है ।

डा ० इन्द्रजीत प्रजापति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी , गोण्डा को तत्काल प्रभाव से 30 प्र 0 सरकारी सेवक ( अनुशासन एवं अपील ) नियमावली 1999 के नियम -4 के तहत निलम्बित कर उनके विरुद्ध उ 0 प्र 0 सरकारी सेवक ( अनुशासन एवं अपील ) नियमावली 1999 के नियम -7 के अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही सस्थित करते हुए उक्त अनुशासनिक जाच के सम्पादन हेतु गण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मण्डल , लखनऊ को पदेन जाच अधिकारी नामित किये जाने की स्वीकृति प्रदान करते है ।
जिलाधिकारी , गोण्डा , उ ० प्र ० को इस निर्देश के साथ प्रेषित कि डा 0 इन्द्रजीत प्रजापति के विरुद्ध आरोप पत्र संगत अभिलेखीय एवं मौखिक साक्ष्यों सहित गठित कर 15 दिनों के अन्दर शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।

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