Gonda News:सरकारी कर्मचारियों की फर्जी आईडी बनाकर बने अकूत संपत्तियों के मालिक,चकबन्दी विभाग के एकाउंटेंट लेखपाल सहित 5गिरफ्तार

राजकीय धन का गबन करने वाले गिरोह के चकबन्दी विभाग के एकाउंटेंट लेखपाल सहित 5 सदस्य गिरफ्तार

फर्जीवाड़े से अर्जित संपत्तियों को सीज करने में जुटा प्रशासन

राम नरायन जायसवाल

गोण्डा।सरकारी कर्मचारियों की फर्जी आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर सरकारी धन का गबन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चकबन्दी विभाग के एकाउंटेंट लेखपाल सहित 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है व फर्जीवाड़े से अर्जित करोड़ो को संपत्तियों को सीज करने में प्रशासन जुट गया है।
विकासखण्ड नवाबगंज की एसबीआई बैंक की शाखा में कुछ खाताधारकों के खाते में सीएससी संचालक द्वारा संदिग्ध धनराशि स्थान्तरित करने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय द्वारा एसओजी टीम को जांच सौंपी गई थी।

प्रकरण में थाना नवाबगंज पर मुकदमा दर्ज कर संलिप्त लोगों की जांच एस0ओ0जी0 टीम व थाने की पुलिस द्वारा की जा रही थी।जांच के दौरान पता चला कि सरकारी कर्मचारियो की कूटरचित आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर फर्जी तरीके से पैसा गबन करने वाले गिरोह है। पुलिस ने गिरोह के पाँच सदस्यो को गिरफ्तार कर लिया है जिनके पास से नगदी समेत एक करोड़ 58 लाख 75 हजार रुपये,लैपटॉप, टेबलेट,डेस्कटॉप, मोबाइल समेत फर्जी चकबंदी विभाग के कर्मचारियों की 28 आईडी बरामद की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त अरुण वर्मा निवासी थाना रामगढ़ जनपद गोरखपुर,चकबन्दी विभाग गोरखपुर में एकाउन्टेण्ट के पद पर तैनात है।अरुण वर्मा द्वारा अपने साथी कर्मचारी पुनीत श्रीवास्तव के साथ मिलकर फर्जी सरकारी कर्मचारियो की लैपटाप व वेबसाइट के माध्यम से कई आई0डी0 बनाई गयी व फर्जी जीपीएफ बिल बनाकर विगत कई वर्षो में करोडो रुपयो जनपद गोण्डा ,गोरखपुर व देवरिया के कई खातो में अपने साथी राजेश पाठक निवासी ग्राम कोल्हमपुर थाना नवाबगंज गोण्डा जोकि जनपद बस्ती के हरैया तहसील में लेखपाल पद पर तैनात है व नानमून मौर्या ( संचालक एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र ) निवासी कोल्हमपुर नवाबगंज गोण्डा के माध्यम से स्थानांतरित कर लिये। जिनमें से अबतक 45 खातो को चिन्हित किया जा चुका है। उक्त खातो में विगत तीन वर्षो में छः करोड रुपयो से ज्यादा का स्थानांतरण इस गिरोह द्वारा किया जा चुका है। अभियुक्त अरुण वर्मा, राजेश पाठक व गिरोह के अन्य सदस्यो द्वारा विगत दस वर्षो में इस फर्जी वाडे से कई करोड रुपयो की सम्पत्ति अर्जित की गयी है जिनको चिन्हित कर सीज करने की कार्यवाही प्रचलित है। गिरफ्तार अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की संपत्तियों को किया गया चिन्हित

पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों के संपत्तियों को चिन्हित किया गया जिसमें अरुण वर्मा के पास एक मकान अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ स्थित बुद्ध विहार कालोनी तारामण्डल गोरखपुर। 04 एकड़ जमीन झंगहा गोरखपुर अनुमानित कीमत 2 करोड़।एक ज्वैलरी शाप स्थित आजाद चैक में 60 लाख निवेश।दो प्लाट नौसड़ गोरखपुर अनुमानित कीमत 50 लाख चिन्हित की गई है।
राजेश पाठक के पास से 30 कमरो का हास्टल अनुमानित कीमत 3 करोड़ जनपद अयोध्या।देवकाली में एक मकान अनुमानित कीमत 50 लाख।बूथ नं0-4 अयोध्या में प्लाट अनुमानित कीमत 20 लाख।कोल्हमपुर जमीन अनुमानित कीमत 20 लाख।शाहपुर में जमीन अनुमानित कीमत 12 लाख।बिजली की दुकान में बेचने के लिये रखे लगभग 22 लाख रुपये सामान को चिन्हित किया गया।

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